पुण्यतिथिः बॉलीवुड के राजकुमार, शाही अंदाज, दमदार आवाज और बेबाक लहजा, आज भी यादगार

Jul 3, 2026 - 23:21
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पुण्यतिथिः बॉलीवुड के राजकुमार, शाही अंदाज, दमदार आवाज और बेबाक लहजा, आज भी यादगार

बॉलीवुड के दिवंगत अभिनेता राजकुमार की आज पुण्यतिथि है। राजकुमार अपनी दमदार आवाज, शाही अंदाज और बेबाक लहजे के लिए जाने जाते थे। वह जितने अपनी दमदार एक्टिंग के लिए मशहूर थे उससे कहीं ज्यादा अपने बेबाक लहजे, अड़ियल रुख और गुस्से के लिए भी मशहूर थे। फिर भी वह आज भी हिंदी सिनेमा के राजकुमार कहे जाते हैं।

राजकुमार का जन्म 8 अक्टूबर 1926 को बलूचिस्तान (अब पाकिस्तान में है) में एक कश्मीरी पंडित परिवार में हुआ था। उनका असली नाम कुलभूषण पंडित था। वे बचपन से ही साधारण जीवन जीते थे और बाद में काम की तलाश में मुंबई आ गए। फिल्मों में आने से पहले वे मुंबई पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थे। उनकी पहचान एक सख्त और ईमानदार पुलिस अफसर की थी, लेकिन किस्मत उन्हें फिल्मी दुनिया की ओर ले गई।

कहा जाता है कि एक बार फिल्म निर्माता बलदेव दुबे किसी काम से पुलिस स्टेशन आए थे, जहां उनकी मुलाकात राजकुमार से हुई। उनकी बातचीत और आत्मविश्वास से प्रभावित होकर उन्होंने राजकुमार को अपनी फिल्म 'शाही बाजार' में काम करने का ऑफर दिया। राजकुमार पहले से ही अभिनय की दुनिया में आना चाहते थे, इसलिए उन्होंने तुरंत नौकरी से इस्तीफा देकर फिल्मी करियर शुरू कर दिया।

साल 1952 में उनकी पहली फिल्म 'रंगीली' रिलीज हुई। शुरुआत में उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। इसके बाद उन्होंने 'मदर इंडिया', 'पाकीजा', 'वक्त', 'हीर रांझा', 'सौदागर' और 'तिरंगा' जैसी कई यादगार फिल्मों में काम किया। धीरे-धीरे वे हिंदी सिनेमा के सबसे मजबूत कलाकारों में शामिल हो गए। अपने करियर में उन्होंने लगभग 70 फिल्मों में अभिनय किया।

राजकुमार अपने अभिनय से ज्यादा निजी जीवन में भी शाही अंदाज और बेबाक लहजे के लिए मशहूर थे। उनके जीवन का एक सबसे मशहूर किस्सा अभिनेता गोविंदा से जुड़ा है। फिल्म 'जंगबाज' की शूटिंग के दौरान गोविंदा ने राजकुमार को एक खूबसूरत शर्ट गिफ्ट की थी। गोविंदा को उम्मीद थी कि राजकुमार उसे पहनेंगे, लेकिन कुछ दिनों बाद जब वे सेट पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि वही शर्ट काटकर रूमाल बना दिया गया है। यह देखकर गोविंदा हैरान रह गए।

अपने लंबे करियर में उन्होंने कई पुरस्कार भी हासिल किए। उन्हें फिल्म 'दिल एक मंदिर' और 'वक्त' जैसी फिल्मों के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसके अलावा, उन्हें उनकी दमदार भूमिकाओं और अभिनय के लिए हमेशा सराहा गया। राजकुमार अपने जीवन के अंतिम वर्षों में गले के कैंसर से जूझ रहे थे। इस बीमारी का उनकी आवाज पर भी असर पड़ा। 3 जुलाई 1996 को 69 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया।

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